पीएचइडी, आपदा मंत्री सहित अन्य ने दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत महोत्सव की शुरुआत


धरोहर स्मारिका के विमोचन के साथ शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत


सहरसा से सहयोगी संवाददाता भार्गव भारद्वाज की रिपोर्ट :-


सहरसा जिले के महिषी में राजकमल क्रीडा मैदान पर गुरूवार को पर्यटन विभाग बिहार व जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित सातवां उग्रतारा महोत्सव का उद्घाटन पीएचइडी मंत्री बिनोदानंद झा व आपदा मंत्री दिनेश चंद्र यादव, पूर्व विधायक अरूण कुमार, लोजपा नेत्री सरिता पासवान, आयुक्त एन सफीना, डीएम शैलजा शर्मा व एसपी राकेश कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

पर्यटन विभाग से आये उद्घोषिका रूपम के संचालन व डीएम शैलजा शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित समारोह को संबोधित करते मंत्री श्री झा ने कहा कि इस इलाके का कला संस्कृति के परंपरा को याद करने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। मुख्यमंत्री ने इस बात को पहचाना और वर्षो से चर्चित उग्रतारा को महोत्सव के रूप में याद किया। पहले यह कोसी नहीं था। कोसी यहां से सौ डेढ सौ किलोमीटर पूरब था। यह एक बड़ा भूभाग था। जिसके उत्तर में हिमालय, दक्षिण में बड़ी गंगा थी। आज जो गंगा दिख रही है। वह नहीं थी। 1970 में दो किलोमीटर की चौड़ाई होती थी। इस इलाके में आना दुर्गम था। गंगा को पार करना बहुत परेशानी का विषय था। बावजूद इस क्षेत्र की संस्कृति पैदा हुई।

आपदा प्रबंधन मंत्री सह सिमरी बख्तियारपुर विधायक दिनेश चंद्र यादव ने कहा कि समय का परिवर्तन हो चुका है। इस इलाके में भी विकास हुई। सहरसा तक बड़ी रेल लाइन की सुविधा उपलब्ध हो गयी है। पहले पूर्वी तटबंध से पश्चिमी तटबंध तक जाने में एक दिन का समय लग जाता था। लेकिन अब कुछ समय में लोग पहुंच रहे है। मुख्यमंत्री का ध्यान इस क्षेत्र पर है। मूलभूत समस्या पर उनकी ध्यान है। पहले किसी सरकार ने इस कार्यक्रम को राजकीय समारोह के रूप में मनाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। वर्ष 2012 में मुख्यमंत्री ने इस समारोह की शुरूआत की। मुख्यमंत्री ने इस इलाकों को सम्मान दिया है  बांध टूटने का भय सताते रहता था लेकिन आज तटबंध मजबूत हुआ है। अधूरा कार्य को पूरा कर लिया जायेगा। गंडौल बिरौल पुल बनकर तैयार होने वाला है। पटना जाना अब आसान हुआ है। 

इससे पूर्व अतिथियों ने धरोहर स्मारिका का विमोचन किया। स्वागत भाषण जिला पदाधिकारी व धन्यवाद ज्ञापन डीडीसी राजेश कुमार सिंह ने किया। स्वरांजलि के कलाकरों ने स्वागत गीत व नृत्य की प्रस्तुति दी।