होटल व्यवसायी व मांस बिक्रेता सावन माह खत्म होने का कर रहें हैं इंतजार


सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) Brajesh Bharti.


सावन मास में शिवभक्तों ने किस कदर मांस-मछली एवं होटल व्यवसाई को प्रभावित किया है उसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कल तक जिस दुकानदार के पास लाईन लगी रहती थी आज वहा बिरानगी छाई है। 

सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल क्षेत्र में मांस-मछली का बाजार काफी ठंडा पड़ गया है। जिससे विक्रेताओं को आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है। बाजार में मांस-मछली की मांग कम पड़ने का मुख्य कारण सावन है। दुकानदार बताते हैं कि 70 फीसदी से ज्यादा का असर व्यवसाय पर पड़ा है।अब तो बस सावन बीतने का इंतजार है ताकि बाजार में फिर से रौनक लौट सके।


दरअसल, इस महीने में हिन्दू धर्म के अधिकांश लोग भोजन में मांस-मछली का उपयोग नहीं करते हैं। कहीं-कहीं तो सावन में लोग प्याज-लहसून भी नहीं खाते हैं। जिससे इस माह में मांस-मछली विक्रेताओं की बिक्री पर काफी असर पड़ता है। मांस विक्रेता कहते हैं कि मांस-मुर्गे की बिक्री काफी घट गई है।

ब्लाक चौक स्थित मांस बिक्रेता जावेद के मुताबिक पहले के अनुपात में 50 से 70 प्रतिशत तक मांस की बिक्री घट गई है। लोगों के शाकाहार होने के चलते चिकन व्यवसाय में मंदी है आमतौर पर पहले जहां चिकन व्यवसाय रोज 60 किलो चिकन बेचते थे, वहीं इन दिनों 10 से 15 किलो चिकन ही बेच पा रहे हैं।


वहीं, शाकाहार को लेकर होटल व्यवसाय भी मंदी के दौर से गुजर रहा है। होटल व्यवसायी राम मुरत भगत, पुरानी बाजार स्थित ग्रीन पार्क होटल के मालिक सोनू कुमार कहते हैं कि हमलोगों के होटल सामान्य तह बंद पड़े हैं चुंकि हमलोग मुख्यत: मांसाहारी भोजन की बिक्री करते हैं मात्र 10 प्रतिशत लोग ही आते हैं।