मशीन में दस रुपए के सिक्के डालने पर मिलेगा नैपकिन, डिस्ट्रॉय नैपकिन के लिए भी लगा है मशीन


सहरसा की ही बेटी ने छेड़ा था रेलवे में हो महिलाओं के लिए सेनेटरी नैपकिन की व्यवस्था


सहरसा से ब्रजेश भारती के साथ भार्गव भारद्वाज की विशेष रिपोर्ट :-


पैडवूमन के नाम से चर्चा में आई सहरसा की बेटी ऋचा राजपूत की पहल आखिर रंग लाई विभिन्न रेलवे स्टेशनों के बाद सहरसा रेलवे स्टेशन के महिला प्रतीक्षालय में ओटो सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन का शुभारंभ रेलवे के स्वास्थ्य इन्स्पेक्टर पुष्पक कुमार के द्वारा किया गया। 

मशीन का पहला इस्तेमाल करने वाली के रूप में अपना नाम दर्ज करवाई है सिमरी बख्तियारपुर की छात्रा पल्लवी कुमारी ने। उन्होंने कहा कि हमें आज गर्व हो रहा है कि हमारे ही जिले की एक बहन की पहल पुरे देश में रंग ला रही है। इस मशीन के लग जाने से अब महिलाओं को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा जो पहले हो जाती थी।

रेलवे में यात्रा करने वाली वैसी महिला यात्री जिन्हें यात्रा के दौरान पीरियेड होने पर सेनेटरी नैपकिन नहीं होने की समस्या, या फिर नैपकिन बदले जाने की समस्या से दो चार होना पड़ता था, अब वह परेशानी नहीं होगी। अब ऐसी महिला यात्री रेलवे स्टेशन पर बने उच्च श्रेणी की महिला प्रतीक्षालय में लगाये गये वेंडिंग मशीन से दस रुपये में तीन सेनेटरी नैपकिन ले सकती है। साथ ही इसी में बनाये गये डिस्ट्रॉय मशीन में अपने खराब हो गये नैपकिन को भी डिस्ट्रॉय कर सकती है।

रेलवे की इस योजना से महिला यात्रियों में काफी खुशी देखी जा रही है। महिलाओं का कहना है कि इससे यात्रा के समय काफी सहूलियत होगी। महिलाओं ने रेलवे के इस कदम को महिला हित में सही ठहराया है।

क्या है योजना :-


प्राप्त जानकारी के अनुसार रेलवे स्टेशन पर उच्च श्रेणी महिला प्रतीक्षालय में एक वेडिंग मशीन लगाया गया है। यह एटीएम मशीन की तरह ही काम करता है। इसमें दस रूपये का सिक्का डालने पर एक पैक में बंद तीन पीस पैड निकलेगा। यदि किसी यात्री के पास दस का सिक्का नहीं है तो वे पांच – पांच के दो सिक्के डाल सकती हैं, इस प्रकार का इंतजाम इस मशीन में किया गया है। दस का सिक्का डालने पर पैक निकलेगा।  इसी प्रकार खराब सिनेटरी नैपकिन को मशीन में वे डालकर एक बटन को दबा देंगी तो खराब हो चुका नैपकिन पूरी तरह से डिस्ट्रॉय हो जायेगा। इस मशीन में एक बार मे 26 पैकेट डाजा जायेगा।

कौन है ऋचा राजपूत – 


सहरसा के सहसोल गांव की रहने वाली हैं। उनकी मां नूतन सिंह और पापा राकेश कुमार सिंह दोनों एडवोकेट हैं। वे तीन बहनों में सबसे बड़ी हैं।  – उनकी 10वीं और 12वीं तक की पढ़ाई मधेपुरा से हुई है। इसके बाद उन्होंने पटना के एएन कॉलेज से इंग्लिश में मास्टर्स किया है। वे एनसीसी कैडेट भी रह चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने डिजास्टर मैनेजमेंट में डिप्लोमा किया है। साथ ही वे साल 2015 में मिस बिहार दीवा रही हैं।

कब और कैसे आई चर्चा –


ऋचा राजपूत उनदिनों सोशल मीडिया में चर्चा में आई जब वह ट्रेन में सफर के दौरान सेनेटरी पैड के इंतजाम होने को लेकर रेलवे मिनिस्टर और रेलवे मिनिस्ट्री को ट्वीट की और उसके ट्वीट पर संज्ञान लिया गया। अपने ट्वीट के पीछे ऋचा का ट्रेन सफर के दौरान एक्सपीरिएंस रहा जिसमें उन्हें लगा कि रनिंग ट्रेन में टीटीई के पास सेनेटरी पैड का इंतजाम होना चाहिए ताकि कभी किसी लड़की या महिला को अचानक जरुरत हो तो उसे आसानी से मिल जाए और उसे शर्मिंदंगी के हालात से गुजरना न पड़े।