गार्ड ऑफ ऑनर के साथ मासूम ने दी पिता को मुखाग्नि, पंचतत्व में विलीन हुए शहीद


सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) से ब्रजेश भारती की रिपोर्ट :-


खगड़िया जिले के पसराहा थानाध्यक्ष सिमरी बख्तियारपुर के सरौंजा गांव निवासी जांबाज दरोगा अपराधी मुठभेड़ में शहीद हुए आशिष कुमार सिंह के पार्थिव शरीर को रविवार सुबह नौ बजे बाद पुलिस के गार्ड ऑफ ऑनर के साथ मासूम सात वर्षीय पुत्र शौर्य ने मुखाग्नि दे पंचतत्व में विलीन कर दिया।

इस मौके पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे। स्वय स्थानिय विधायक सह सुबे के आपदा प्रबंधन मंत्री दिनेश चंद्र यादव, पूर्व विधायक अरुण कुमार यादव, पूर्व विधायक संजीव झा मौजूद रहे। 

लेकिन परिजनों में जिले के वरिय अधिकारियों के प्रति नाराजगी देखने को मिली। शहीद के पिता ने कहा डीएसपी सिमरी बख्तियारपुर को छोड़ कोई भी बड़ा अधिकारी यहां नहीं पहुंचा जो बड़े दुख की बात है। पिता गोपाल सिंह ने जिले के वरिष्ठ पदाधिकारियों पर अपना गुस्सा जाहिर किया। 

उन्होंने कहा कि मेरा बेटा शहीद हो गया हम गौरवान्वित हैं लेकिन दुख इस बात का है कि ना तो यहां जिलाधिकारी, एसपी पहुंचे यहां तक कि चंद किलोमीटर की दूरी पर बैठे अनुमंडल पदाधिकारी, बीडीओ,सीओ यहां झांकने तक की जहमत मुनासिब नहीं समझा और ना ही कोई वरिष्ठ अधिकारी बेटे के अंतिम संस्कार में पहुंचा।

वही पूर्व विधायक संजीव झा ने कहा कि यह बहुत बड़ा संवेदनहीनता है सुवे के मंत्री खुद देखें है कि यहां कोई नहीं पहुंचा। हम उनसे उम्मीद करते हैं कि इस पर वे कुछ करें।

वही कई स्थानिय लोगों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि यह संवेदनहीनता का पराकाष्ठा है। आज देश और समाज ने एक जांबाज बेटा खोया है लेकिन इन बाबूओं को अपने चेंबर व आलिशान घर से बाहर निकल शहीद के सहादत पर श्रद्धा के दो फूल भी अर्पित करना मुनासिब नहीं समझा इससे बड़ा दुख की बात और क्या हो सकता है।