इंटर परीक्षा फार्म के नाम मनमर्जी फीस लेने विरोध में छात्रों का प्रदर्शन एवं नारेबाजी


1220 की जगह 1850 रूपया लिया जा रहा है परीक्षा फार्म फीस


सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) ब्रजेश भारती की रिपोर्ट :-


अनुमंडल क्षेत्र के एक मात्र डी सी इंटर कॉलेज में इंटर परीक्षा फार्म भरने के नाम पर छात्रों से अधिक राशि लेने के विरोध में उग्र छात्रों ने कालेज गेट पर रोषपूर्ण प्रदर्शन कर प्राचार्य जिया लाल यादव के विरुद्ध जमकर नारेबाजी किया।

कालेज गेट पर हल्का बोल करते छात्र

छात्रों का कहना था कि इंटर के दो सत्रों में प्रति छात्र लगभग 4 हजार रुपये लिया जा रहा है यह कहां का इंसाफ है । छात्रों का कहना था कि इस समय छात्रों को फार्म भरने में कॉलेज के द्वारा प्रति छात्र 1850 रुपये लिया जाता है जो बहुत ज्यादा है। पूर्व में सभी तरह का फीस जब लिया जा चुका है तो फिर इतनी ज्यादा फीस क्यों लिया जा रहा है। छात्र राजन कुमार, विवेक कुमार, विशाल कुमार, रोहित कुमार, रितेश कुमार, दशरथ कुमार, हर्ष कुमार, मो गुलसाद, मो दानिश, अभिलाषा कुमारी, निमा कुमारी, मो एजाजुल, पप्पू राज, अशोक कुमार, सहित कई छात्रों ने बताया कि प्राचार्य के द्वारा बताया जाता है कि पूर्व का बकाया है, जो फार्म भरने के समय लिया जायेगा। अब सवाल है कि क्या सबके सब छात्र का पूर्व का बकाया है। एक छात्र ने दो अन्य रसीद दिखाते हुए कहा कि एक बार कालेज को एक हजार तो दुसरी बार 1155 रूपए देने के बाद फिर से 1850 रूपया लिया जा रहा है। 

फार्म फरने के लिए लगी छात्रों की भीड़

एक अभिभावक बिद्यानद यादव ने बताया मेरे छात्र के ऊपर पूर्व का कोई बकाया नही है। वावजूद हमसे 1850 रुपये लिया गया। प्राचार्य बताये की एक एक छात्र से 4000 हजार रुपये किस आदेश पर लिया जा रहा है। 

कुछ इस कदर फार्म फरने का है इंतजाम

प्राप्त जानकारी के अनुसार फार्म भरने में बेटरमेंट छात्रों के लिये 1520 रुपये, एक्स छात्र को 1107 रुपये, रेगुलर छात्र से 1220 रुपये, अनुसूचित जाति, जनजाति छात्र को 995 लेने का प्रावधान है इसके अलावा ऑनलाइन में 20 रुपये, अतिरिक्त 50 रुपये खर्च होता है तो फिर किस प्रकार इतनी राशि ली जा रही है। मिलन कृष्ण यादव छात्र से 29 अगस्त 17 को कॉलेज के द्वारा जो रसीद दिया है उसमें 1155 रुपये लिया गया। फिर 19 जुलाई 18 को दूसरा रसीद में 1000 (एक हजार) रुपये का दिया जबकि तीसरा रसीद जो शनिवार को दिया गया उसमे 1850 रुपये लिया गया। तीनो को अगर जोड़ा जाए तो 4005 रुपये होता है। कुल मिलाकर इंटर पास करने में एक छात्र को दोनों सत्रों में 4005 रुपये लिया गया।

पुराने दो रसीद

वहीं कई छात्रों ने बताया कि फार्म के नाम पर बीस बीस रूपए लिया जा रहा है।


बकाया के नाम पर लूट की छूट- 

वर्तमान में दी जा रही रसीद

इन सब के बीच सबसे आश्चर्यजनक बातें उस वक्त सामने आई जब प्राचार्य से अधिक राशि लेने के छात्रों के आरोप के संबंध में पुछा गया तो साफ तौर पर प्राचार्य जिया लाल यादव का कहना था कि बकाया राशि है बकाया राशि लिया जा रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि किसी छात्र के रसीद पर पिछला बकाया नहीं दर्शाया गया है। इतना ही नहीं छात्रों के पिछले किसी रसीद में बकाया नहीं दर्शाया गया है तो फिर किस प्रकार का बकाया। इतना ही नहीं छात्रों को दिए गए रसीद में फार्म की राशि के बाद किस प्रकार की राशि ली गई है उसमें कहीं बिजली चार्ज तो कही विकास शुल्क तो कही मेडिकल दर्शा दिया जा रहा है।

इस संबंध में डीसी कॉलेज के प्राचार्य जियालाल यादव ने बताया कि छात्रों का आरोप गलत है। हम जितना रुपये फार्म भरने में लेते है उतना का रसीद देते है। जिनको लगता है ज्यादा रुपये लिया जाता है वो जहा मन हो शिकायत कर सकता है।