नप अध्यक्षा एवं वार्ड पार्षद को पता ही नहीं कार्यपालक पदाधिकारी कहते हैं वार्ड हो गया ओडीएफ


कार्यपालक पदाधिकारी अक्सर रहते कार्यालय से फरार, विकास हो रहा है वाधित 


सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) ब्रजेश भारती की एक रिपोर्ट :-


सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छ भारत अभियान के तहत प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायत एवं नगर पंचायत के वार्डो को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए अभियान चला रही है।  इस अभियान में पदाधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि सुबह शाम लोगों को जागरूक करने का काम कर रहे हैं। 

वहीं सहरसा जिले के एक मात्र नगर पंचायत में एक भी वार्ड अबतक ओडीएफ घोषित नहीं हुआ है। हालांकि सरकारी दिशा निर्देश के अनुरूप जुलाई 18 से दिसंबर 18 तक समुचे नगर पंचायत क्षेत्र के सभी 15 वार्डो को ओडीएफ घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। 


इस बीच एक दिलचस्प मामला इस नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड नं 14 से सामने आया है। इस वार्ड को गत माह जुलाई में ओडीएफ घोषित करने का लक्ष्य रखा गया था इस लक्ष्य की प्राप्ति कार्यपालक अधिकारी के मुताबिक हो गया है जबकि सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि इस ओडीएफ घोषित होने की जानकारी ना तो नगर चैयरमेन को है ना ही उस वार्ड के वार्ड पार्षद को ही है। कागजों के फर्जी खेल में यह सब हो गया।


जबकि अगर वार्ड पर नजर डालें तो आधे से अधिक शौचालय अर्धनिर्मित है बहुतों परिवार तो शौचालय निर्माण शुरू भी नहीं किया है।


क्या है मामला –


नगर पंचयात सिमरी बख्तियारपुर के सभी 15 वार्डो को अगामी दिसंबर 18 तक पुरी तरह खुले शौच से मुक्त होना है। इसके लिये खुद नगर पंचायत में सूचना चिपकाया गया है। जिसमे हर वार्ड का अलग अलग महीने में ओडीएफ घोषित होना है। नोटिस के मुताबिक जुलाई 18 में वार्ड नंबर 14, अगस्त में वार्ड नंबर 3 एवं 6, सितंबर में 7 एवं 8, अक्टूबर 4, 5 एवं 12, नंबम्बर में 9, 10 एवं 15, एवं दिसंबर में 1, 2 एवं 13 वार्ड को खुले शौच से मुक्त होना है। वार्ड नंबर 11 को पूर्व में ओडीएफ घोषित किया गया था लेकिन यह 11 नंबर वार्ड बाजार में है जिसकी वजह से इसे नया ओडीएफ मानने से इंकार कर दिया गया है।


क्या कहते वार्ड 14 के पार्षद –


वार्ड पार्षद सकील अहमद को जब मालूम हुआ कि वार्ड नंबर 14 को ओडीएफ घोषित कर दिया तो वे अच्मभित हो गए उन्होंने बताया कि वार्ड में तो अभी तक शौचालय का निर्माण ही पूरा नही हुआ है। 300 परिवार है, लेकिन शौचालय की राशि अभी तक मात्र 205 को मिला जिसमे कई को पहली किस्त ही मिला है। दर्जनों शोचालय अभी तक अर्धनिर्मित है। जबकि ओडीएफ की घोषणा  वार्ड में एक कार्यक्रम आयोजित कर करना है। लेकिन आज तक ऐसा नही हुआ तो किस दिन ओडीएफ हो गया है। अभी भी वार्ड में लगभग 150 परिवार ऐसे है जिनको अभी तक शौचालय का लाभ नही मिला है।


क्या कहती है नगर अध्यक्षा –


जब इस संबंध में नगर पंचायत अध्यक्षा रौशन आरा से पुछा गया तो वे बोली कि हमें तो जानकारी नहीं है कि वार्ड को ओडीएफ घोषित किया गया है।  कार्यपालक पदाधिकारी के मनमाना के कारण नगर का विकास बाधित हो गया है। महीने में 10 से 12 दिन वे गायब रहते है। शनिवार को निकलते है मंगलवार को तीन बजे कार्यालय आते है। अगस्त तक तीन वार्ड को ओडीएफ होना था, एक भी नही हुआ है।


क्या कहते कार्यपालक पदाधिकारी –


कार्यपालक पदाधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि वार्ड नंबर 11 पूर्व में ओडीएफ घोषित हो गया है। वार्ड 14 हाल-फिलहाल ओडीएफ घोषित हुआ है। मीटिंग या कई आफिस कार्य से भी बाहर जाते है। बराबर अनुपस्थित रहने की बात गलत है।