बनमा-ईटहरी के सहुरिया महादलित टोला में दिन प्रतिदिन पीड़ित की संख्या में वृद्धि


सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) ब्रजेश भारती।


स्वास्थ्य विभाग की ढुलमुल रवैए से सहरसा जिले के बनमा-ईटहरी प्रखंड अंतर्गत एक महादलित टोला सहुरिया मुसहरी में दिन प्रतिदिन मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है।

यहां दिन-प्रतिदिन डायरिया का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। टोला में एक दिन के डाॅक्टर के टीम के द्वारा इलाज किये जाने के बाद भी डायरिया थमने का नाम नहीं ले रहा है। डायरिया पीड़ितों की बढ़ोतरी होने से महादलित टोला में खलबली मचा हुआ है। गांव वालों का आरोप है कि गत दिनों में एक दिन जो डाॅक्टर की टीम पीड़ितों की जांच करने जो पहुंचे फिर उसके बाद दोबारा कोई झांकने तक नहीं आये हैं। टीम को देखकर ऐसा लग रहा है कि डाॅक्टरो की टीम सिर्फ इलाज के नाम पर खानापूर्ति के लिए आये हुए थे। जो एक दिन के इलाज करने के बाद पुनः झांकने तक नहीं पहुंचे। जबकि उस दिन से पीड़ितों की संख्या में बढ़ोतरी ही हो रही है। ऐसा लग रहा है कि डायरिया गांव वालों पर कहर बरपा रहा है। गांव में अब भी डायरिया से करीब डेढ़ दर्जन से भी अधिक जच्चा-बच्चा डायरिया की चपेट में समाये हुआ है।

पीड़ितों में सोगारथ सादा के 14 वर्षीय पुत्री जयमाला कुमारी, शंभू सादा के बच्चे 7 वर्षीय सचिन कुमार, 9 वर्षीय त्रिफूल कुमारी, जनारी सादा के बच्चे 8 वर्षीय कल्पना कुमारी, 6 वर्षीय नंदनी कुमारी, महिन्द्र सादा के 8 वर्षीय पुत्री लालदाय कुमारी, दशरथ सादा के 7 वर्षीय पुत्री ललिता कुमारी, वरूण सादा के 5 वर्षीय पुत्र राजन कुमार, गोनर सादा की पत्नी रूकिया देवी, 8 वर्षीय पुत्र दोलन कुमार, विलास सादा के 11 वर्षीय पुत्र गोलू कुमार सहित अन्य लोग डायरिया से जूझ रहा है। पीड़ित लोगों ने बताया कि हमलोगों को उल्टी और दस्त हो रहा है। जो थमने का नाम नहीं ले रहा है।

वहीं गांव वालों की मानें तो कई पीड़ित परिवारों का परिजनों के द्वारा सोनवर्षाराज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहित प्राइवेट चिकित्सकों से इलाज करवाया जा रहा है। वहीं जो प्राइवेट चिकित्सकों से इलाज करवाने को विवश है उनकी जेबें भी ढीली हो रही है। जिससे प्राइवेट चिकित्सकों सहित ग्रामीण चिकित्सकों का चांदी ही चांदी कट रहा है।


ग्रामीणों के द्वारा इस दिशा में जिला के प्रशासन से पहल करते हुए पीड़ित परिवारों को उचित इलाज कराने की मांग किया गया है।


इस संबंध में तेलियाहाट बाजार स्थित पीएचसी के चिकित्सा पदाधिकारी डा संतोष कुमार संत से दूरभाष पर संपर्क बनाने की कई बार कोशिश किया गया लेकिन सरकारी नंबर बार-बार कह रहा था कि द-डायल नंबर नोट एक्जिज। जिससे संपर्क स्थापित नहीं हो पाया।