नाना के सानिध्य में रहकर की है पढ़ाई, परीक्षा में सफलता मिलने पर परिवार में हर्ष

सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) मन में जब कुछ कर दिखाने का जज्बा हो तो व्यक्ति कोई भी मुकाम हासिल कर सकता है। चाहे राह कितनी भी कठिन हो। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है अनुमंडल क्षेत्र बनमा इटहरी प्रखंड के पहलाम निवासी मरहुुम मसले उद्दीन की नातिन उम्मे हबीबा ने यूजीसी द्वारा आयोजित जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) की परीक्षा में पहले प्रयास में ही बाजी मार जिला सहित परिवार का नाम रौशन किया है।

उम्मे हबीबा, फाइल फोटो

उम्मे हबीबा ननिहाल में रहकर अपने नाना के सानिध्य में ही प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त किया। उसके उसने मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा एएमयू अलीगढ़ से पास की। वहीं स्नातक एवं स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पढाई कर परीक्षा पास की। जिसके बाद उसने यूजीसी द्वारा आयोजित जूनियर रिसर्च फेलोशिप परीक्षा में पहले प्रयास में परीक्षा पास कर ली।

अनुमंडलीय अस्पताल सिमरी बख्तियारपुर में स्वास्थ्य प्रबंधक के पद पर कार्यरत उम्मे हबीबा के मामा महबूब आलम ने बताया कि भांजी मूल रूप से खगड़िया जिले के पीपरा लतीफ की रहने वाली है। उम्मे हबीबा ने परीक्षा पास कर परिवार का नाम रौशन किया है। उन्होंने बताया कि उसके शोध का विषय बायो टेक्नोलॉजी है। आज के दौर में बायो टेक्नोलॉजी की बहुत जरूरत है। आगे वह लेक्चर बनेगी।