शिकायत बाद वन विभाग की टीम बगीचा पहुंच मामले की जांच, एक हिरासत में

सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) नगर परिषद के प्रसिद्ध वृंदावन आम के बगीचे में रखवाले ने एक बंदर को गोली मारकर हत्या कर दिया। हत्या की मिली शिकायत उपरांत वन विभाग के रेंजर अपनी टीम के साथ बगीचा पहुंच मामले की छानबीन किया, वही इस मामले में एक व्यक्ति को वन विभाग की टीम हिरासत में लिया है।

वायरल फोटो

घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ दिनों से वृंदावन आम के बगीचे में कुछ बंदर बिचरन करते देखे गए थे। इस दौरान बगीचे के रखवाला खगड़िया जिले के गोगरी जमालपुर के छोटी भरना निवासी मो अशफाक आलम को कुछ ग्रामीणों ने एयरगन से बंदर पर निशाना लगाते देखा।

ग्रामीणों ने अशफाक को कड़ी हिदायत देते हुए बंदर को नहीं मारने की बात कही। वहीं इस हिदायत के चार दिन बाद एक बंदर को मार दिए जाने की खबर ग्रामीणों को मिली वहीं इस संबंध में एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसमें एक बंदर मरा पड़ा हुआ है।

जिसके बाद पुरानी बाजार निवासी अरविंद भगत एवं सैनीटोला निवासी पंकज निगम मामले की शिकायत वन विभाग को देते हुए अग्रतर कार्रवाई की मांग किया।

वहीं बुधवार को डीएफओ के निर्देश पर रेंजर दिलीप कुमार अपनी टीम के साथ वृंदावन आम बगीचा में पहुंच मामले की छानबीन किया। इस दौरान अरविंद भगत ने अपना लिखित बयान रेंजर को दर्ज कराया। वहीं रेंजर की टीम ने आरोपी युवक अशफाक आलम को गाड़ी में बैठा के अपने साथ ले गई।

रेंजर दिलीप कुमार ने मीडिया को बताया कि एक बंदर की हत्या की गई है। डीएफओ के निर्देश पर मामले की छानबीन करने पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि मरे हुए बंदर का शव नहीं मिला है। हालांकि उन्होंने गिरफ्तारी की बात से इंकार किया।

यहां बतातें चले कि बंदर को मारना अपराध है ऐसे में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा व पशु क्रूरता अधिनियम 1960 के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी पर कार्रवाई कर सकती हैं। यहां बतातें चले कि प्रसिद्ध आम का बगीचा वृन्दावन खगड़िया सांसद चौधरी महबूब अली कैसर का है। उन्होंने बगीचा के आम को खगड़िया जिले के करूआ निवासी मो मोकीम के हाथों बेच रखा है।

वहीं इस मामले पर स्टेट मैनेजर सह नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि मो हस्सान आलम ने बताया कि अगर किसी ने अपराध किया है तो उसे सजा मिलनी चाहिए। इस में किसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए।