डीएम ने 15 मार्च को मरम्मती दल को चापाकल ठीक करने के लिए किया था रवाना
  • गर्मी शुरू होते ही कंठ की प्यास बुझाने भटकते दिखते हैं आमजन

सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) से वरिष्ठ पत्रकार अजय कुमार की विशेष रिपोर्ट : गर्मी के मौसम में जिलेवासियों को पेयजल संकट से मुक्ति के लिये राज्य सरकार के निर्देश पर जिलाधिकारी आनंद शर्मा द्वारा गत 15 मार्च को सभी प्रखंड के लिये समाहरणालय परिसर से आवश्यक सामग्री के साथ चापाकल मरम्मति दल रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया था।

उक्त रथ के रवाना हुए करीब 25 दिन हो गये हैं। इस 25 दिन में करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित लोक स्वास्थ विभाग का अवर प्रमंडल कार्यालय सिमरी बख्तियारपुर तक रथ नही पहुंच सकी है। जबकि अप्रैल माह प्रारंभ होते ही गर्मी धीरे धीरे परवान चढ़ने लगी है। सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड में नगर परिषद को छोड़कर कुल 20 पंचायतें हैं।

उक्त क्षेत्र में सैकड़ों चापाकल खराब पड़े हैं।‌जिसकी मरम्मति की दिशा में कोई ठोस कदम नही उठाया जा रहा है। सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ाये जाने की संभावना से इंकार नही किया जा सकता है।

उदाहरण के तौर पर देखा जा सकता है कि अनुमंडल मुख्यालय स्थित प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर, निबंधन कार्यालय, निरीक्षण भवन, अस्पताल आदि कार्यालय परिसर में लगे सभी चापाकल खराब पड़े हैं। उक्त स्थानों पर रोजाना हजारों लोगों का आना-जाना लगा रहता है। कंठ की प्यास बुझाने के लिये दो बूंद पानी के लिये भी भटकना पड़ता है‌।

सरकारी विभाग की उदासीनता देख स्थानीय लोग निजी व चंदा की राशि से कुछ चापाकल की काम चलाऊ मरम्मति कर पानी का उपयोग किया जा रहा है। सोचनीय सवाल है कि जब मुख्यालय स्थित सरकारी कार्यालय परिसर स्थित चापाकल की यह दुर्दशा है तो ग्रामीण क्षेत्र के चापाकल की बात करनी बेमानी होगी।

चापाकल मरम्मती दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते डीएम (फाइल फोटो)

कनीय अभियंता नीरज कुमार व संवेदक बिपिन कुमार सिंह ने बताया कि अनुमंडल कार्यालय परिसर में चार दिन पूर्व खराब चापाकल की सर्वप्रथम मरम्मति कर प्रखंड क्षेत्र में कार्य शुरू कर दिया गया है। कठडूमर पंचायत में तीन चापाकलों की मरम्मति की गई है। धीरे धीरे सभी पंचायतों में भ्रमण कर मरम्मत कर दिया जायेगा। ताकि लोगों को परेशानी नही हो।

यहां बतातें चले कि मरम्मति दल को प्रत्येक पंचायत में दो दिनों तक 1 सुपरवाइजर,‌ 1 मिस्त्री, 2 हेल्पर को आवश्यक सामग्री के साथ भ्रमण कर खराब चापाकल मरम्मति करने का निर्देश था। 15 मार्च को डीएम ने हरी झंडी दिखाकर दल को रवाना किया था।