सौरबाजार प्रखंड के रामपुर पंचायत स्थित सहरसा राइस मिल के मालिक पर होगी एफआईआर
  • पहले से मिल मालिक नकीब आलम पर दर्ज है धान गबन का तीन मामला

सहरसा : सहरसा फिर एक बार धान गबन का भूत सामने आया है। 383.37 एमटी धान गबन के आरोप में जिले के एक राइस मिलर पर गाज गिरी है। राइस मिलर से गबन किए धान के समतूल्य 72 लाख 57 हजार 250 रुपए वसूले जाएंगे। मिल मालिक के साथ-साथ मुंशी एवं मिल ऑपरेटर के उपर प्राथमिकी दर्ज होगी। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 अन्तर्गत पैक्सों एवं व्यापार मंडलो द्वारा अधिप्राप्ति की गई धान जिला अन्तर्गत 19 राइस मिलरों को दिया गया था ।

सहरसा राइस मील का निरीक्षण करते डीएम

जिसके एवज में मिलरों को सीएमआर यानी चावल की आपूर्ति करनी थी। मानक के अनुरूप चावल की आपूर्ति के लिए मिलाें पर दंडाधिकारियों की नियुक्ति की गई थी। दंडाधिकारी से प्राप्त शिकायत के आधार पर जांच दल का गठन कर एवं उससे प्राप्त जांच प्रतिवेदन के अधार पर डीएम कौशल कुमार जिले के सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के रामपुर पंचायत स्थित चिकनी दक्षिण गांव में कार्यरत सहरसा राइस मिल के मालिक नकीब आलम के उपर कार्रवाई की है।

डीएम ने अपने आदेश में कहा है कि सहरसा राइस मिल से संबद्ध पैक्स एवं व्यापार मंडलों द्वारा 2438.60 क्विंटल धान की आपूर्ति की गई जिसके समतूल्य 1633.86 सीएमआर यानी चावल की आपूर्ति मिल द्वारा किया जाना था। मिल द्वारा अबतक 1377 एमटी चावल की आपूर्ति राज्य खाद्य निगम सहरसा को की गई है तथा 256.86 एमटी चावल राज्य खाद्य निगम सहरसा काे आपूर्ति किया जाना शेष है।

उक्त राइस मिल पर दंडाधिकारी के रूप में श्रम अधीक्षक उज्जवल कुमार पटेल की प्रतिनियुक्ति की गई है। प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी द्वारा जिला प्रशासन को सूचित किया कि उक्त मिल द्वारा मानक के अनुरूप चावल की आपूर्ति नहीं की जा रही है साथ ही राइस मिल द्वारा बिना भौतिक सत्यापन कराये चावल की आपूर्ति खाद्य निगम को की जा रही है। दंडाधिकारी द्वारा जब मिल प्रबंधन से इस संबंध में पूछा गया तो उनके साथ अमर्यादित व्यवहार किया गया और प्रलोभन देने की भी कोशिश की गई।

क्वालिटी कंट्रोलर की जांच में चावल की गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं पाई गई : श्रम अधीक्षक से प्राप्त शिकायत के आलोक में 18 जुलाई को सदर एसडीओ, जिला सहकारिता पदाधिकारी एवं श्रम अधीक्षक की सदस्यता वाली जांच टीम बनाकर जांच के आदेश दिए गए। जांच दल द्वारा मिल मालिक मो. नकीब को जांच दल के आगमन की पूर्व सूचना दी गई बावजूद इसके मिल मालिक ना तो मिल परिसर और ना ही घर पर मिले।

मिल परिसर के जांच के दौरान जांच दल को 719 बोरा चावल मिला। बोरा का वजन औसतन 49 किलाेग्राम था। इसके अलावा मिल परिसर में 1044 बोरा धान, प्रतिबोरा औसत वजन 40 किलोग्राम पाया गया, जो करीब 41.76 एमटी होता है। मिल परिसर में उपस्थित राज्य खाद्य निगम के सहायक प्रबंधक रविकांत एवं क्वालिटी कंट्रोलर द्वारा की गई जांच में चावल एवं धान की गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं पाई गई। उक्त मिल को संबंधित पैक्स एवं व्यापार मंडल के द्वारा 2438.60 एमटी धान की आपूर्ति की गई जिसके एवज में मिलर द्वारा अबतक 1377 एमटी चावल की आपूर्ति की गई तथा शेष 256.86 एमटी चावल की आपूर्ति की जानी है।

41.76 एमटी धान सड़ा हुआ पाया गया : मिल मालिक को अभी भी 256.86 एमटी चावल उपलब्ध कराने के लिए 383.37 एमटी धान की आवश्यकता है परन्तु मिल परिसर में मात्र 41.76 एमटी धान पाया गया जो कि सड़ा हुआ एवं मिलिंग करने के लायक नहीं है। जबकि इस मिल से संबद्ध पैक्सों एवं व्यापार मंडल द्वारा कुल 2438.6 एमटी धान इस मिल को उपलब्ध करा दिया गया है। इससे प्रतीत होता है कि शेष 383.37 एमटी धान को मिल मालिक द्वारा खुले बाजार में बेच दिया गया है तथा खराब चावल आपूर्ति किए जाने की मंशा पता चलता है।

डीएम ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा है कि 256.86 एमटी चावल की आपूर्ति हेतु 283.37 एमटी धान की आवश्यकता होती है। डीएम ने प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी को उक्त मिल के मालिक मो. नकीब आलम, मुंशी इकरामुल हसन एवं मिल ऑपरेटर राकेश कुमार पर 383.37 एमटी धान, जिसका बाजार मूल्य 72 लाख 57 हजार 250 रुपए है का गबन करने एवं उच्चाधिकारियों के निर्देशों का अवहेलना करने के आरोप में सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है।

शातिर महारथी है राईस मिल मालिक नकीब : यहां बताते चलें कि सहरसा में धान गबन का मामला यह कोई नया नहीं है इससे पहले भी हजारों क्विंटल धान गबन का मामला सामने आया था। जिसके बाद एफआईआर दर्ज की गई, कई लोग जेल भी गए। वर्तमान में न्यायालय में मामला चल रहा है। इसी कड़ी में बनमा ईटहरी में करीब पौने दो करोड़ रूपए का धान गबन का मामला दर्ज किया गया था जिसमें उपरोक्त मिल मालिक का भी नाम भी आया था लेकिन पुलिसिया जांच में वो बच गए थे।

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इसके अलावे नकीब आलम पर बख्तियारपुर थाना में सरडीहा एवं रायपुरा पैक्स अध्यक्षों ने कोर्ट नालसी के आधार पर 40 लाख से अधिक रूपए गबन का मामला दर्ज कराया था। यह मामला खरीफ फसल 15-16 का था। एफआईआर फरवरी 17 में दर्ज की गई थी। इसके अलावे एक और मामला भी दर्ज किया गया। वहीं बलवाहाट ओपी में भी एक धान गबन का मामला दर्ज हैं। बख्तियारपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नकीब आलम पर तीन मामले धान गबन का दर्ज है जो जांच में है।

रूपए की हनक एवं सहकारिता विभाग की उदासीनता से अब तक यह मामला ठंडे बस्ते में है। अब देखने वाली बात होगी कि वर्तमान मामले में राशि वसूल होगी या फिर पुराने मामले की तरह लीपापोती होकर रह ठंडे बस्ते में लटक जाएगी।

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