डीजीपी एसके सिंघल ने सभी SSP/SP को पत्र लिखकर दिए निर्देश

पटना : आपराधिक घटनाओं व दुर्घटनाओं में मृत व्यक्ति के पोस्टमार्टम कराने में होने वाली लापरवाही पर रोक लगाने की तैयारी है। शवों को मेडिकल कॉलेज ले जाकर पोस्टमार्टम कराने की जिम्मेदारी अब चौकीदार और होमगार्ड को नहीं दी जा सकेगी। चौकीदार और होमगार्ड को भेज पोस्टमार्टम कराने पर डीजीपी एसके सिंघल ने नाराजगी जताई है और इसे नियम विरुद्ध बताया है।

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इसको लेकर उन्होंने सभी जिलों के एसएसपी/एसपी को पत्र लिखा है। उन्होंने पोस्टमार्टम के लिए सिपाही या हवलदार को भेजने का निर्देश दिया है। उन्होंने लिखा है कि चौकीदार और होमगार्ड को भी अगर भेजा जा रहा है तो उसके साथ एक सिपाही या हवलदार को भेजना अनिवार्य होगा।

कमान जारी कर पोस्टमार्टम के लिए भेजें : डीजीपी ने अपने पत्र में लिखा है कि पोस्टमार्टम के लिए शवों को भेजते समय सिपाही या हवलदार को साथ भेजना जरूरी होगा। इसके लिए उनके नाम से कमान पत्र जारी किया जायेगा। इसके साथ ही शवों के भेजने की तारीखी और घंटे का भी उल्लेख करना होगा। डीजीपी का कहना है कि बिहार पुलिस हस्तक के अध्याय नौ के नियम 208 में अनुसंधान के क्रम में पोस्टमार्टम कराने के संबंध में दिशा-निर्देश दिया गया है और उसके लिए एक सिपाही को ही प्राधिकृत किया गया है।

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जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के नहीं होने से पोस्टमार्टम में कई तरह की परेशानियां सामने आती हैं। पोस्टमार्टम से पहले मेडिकल कॉलेज में कागजी प्रक्रिया की जाती है, जिसको लेकर समस्या होती है। ऐसा होने पर कई बार थाने से पदाधिकारी को भी बुलाना पड़ जाता है। यहां बताते चलें कि अक्सर देखा गया है कि शवों को पोस्टमार्टम कराने के लिए चौकिदार को भेजा जाता था अब ऐसा नहीं होगा। इनपुट दैनिक हिन्दुस्तान।

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