भारत विकास परिषद, एबीवीपी, वैश्य समाज, भाजयुमो आदि ने मनाया जयंती

ब्रजेश भारती : युग पुरुष स्वामी विवेकानंद की जयंती सहरसा जिले के विभिन्न थानों पर बड़े धूमधाम से मनाया गया। विभिन्न स्थानों पर इस मौके पर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें याद किया गया। आईए जानते हैं कहां क्या कार्यक्रम आयोजित किया गया।

सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल क्षेत्र के डाक बंगला चौराहा स्थित स्वामी विवेकानंद की जयंती पर उनके कांस्य प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भारत विकास परिषद ने धुमधाम से जयंती समारोह मनाया।

एसडीओ बीरेंद्र कुमार, एसडीपीओ मृदुला कुमारी, एएसडीएम अश्वनी कुमार, थाना अध्यक्ष सुधाकर कुमार, पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष रितेश रंजन, सुशील जायसवाल, प्रमोद भगत के द्वारा स्वामी जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित किया करते हुए विवेकानंद जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला।

एसडीओ वीरेंद्र कुमार ने कहा कि आज के युवाओं को उनसे सीख लेने की जरूरत है। तत्पश्चात परिषद द्वारा गरीब, दिव्यांग एवं विधवा महिलाओं एवं पुरुषों के बीच दर्जनों कंबल का वितरण किया गया। इसके अतिरिक्त परिषद परिवार के द्वारा बालिका कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य रुप से टैगोर पब्लिक स्कूल, रोज वैली सेकेंडरी स्कूल, महंत नारायण दास उच्च विद्यालय चकभारो एवं ज्ञान गंगा चिल्ड्रेंस एकेडमी के बच्चों ने भाग लिया।

कबड्डी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान टैगोर पब्लिक स्कूल स्कूल एवं द्वितीय स्थान महंत नारायण उच्च विद्यालय के बच्चों ने हासिल किया। प्रतियोगिता के सफल संचालन जिला कबड्डी संघ के सचिव निरंजन एवं रितु के द्वारा किया गया। प्रतियोगिता के उपरांत उपस्थित पदाधिकारियों के द्वारा बच्चों के बीच मेडल, कलम, सिल्ड आदि प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रमोद भगत, अनिल कुमार, कमलेश्वरी बढ़ई, श्रवण कुमार भगत, गोपाल शर्मा, कमलेश वर्मा, सुरेंद्र प्रसाद, डॉ भागेश्वर मिश्र, नंद कुमार गुप्ता, शत्रुघ्न प्रसाद, कंचन अम्बष्टा, अमित कुमार, अभिषेक कुमार, डॉ प्रमोद, महेश कुमार, सुधीर कुमार, रवि कुमार, दीपक कुमार, राजेश कुमार आदि सहित अन्य ने भाग लिया।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् : स्वामी विवेकानंद के विचार और युवा वर्ग विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ABVP के सिमरी बख्तियारपुर नगर अध्यक्ष साहिल श्रीवास्तव ने किया। इस मौके पर भाजपा के सोनू कुमार, सन्नी श्रीवास्तव, रौशन राज बादशाह मुख्य रूप से मौजूद थे।

वक्ताओं ने स्वामी जी के जीवनवृत्त पर विस्तार से चर्चा करते हुए उनके जीवन को दर्शन की तरह बताया। युग पुरुष स्वामी जी के व्यक्तित्व की व्याख्या शब्दों में करना संभव नहीं है। परिषद के प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य गौरव ठाकुर ने युवाओं से स्वामी जी के विचारों को आत्मसात करने का आह्वान किया।

सोनू कुमार ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के मूल मंत्र उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हो जाय को आत्मसात करना चाहिए। इस मौके पर प्रीतम कुमार, अंकित कुमार, ओम कुमार, अतुल कुमार, पिंटू कुमार, प्रहलाद कुमार, शिद्धान्त श्रीवास्तव, विशाल, सत्यम, नीरज, चेतन, आदि मौजूद रहे।

वैश्य समाज सहरसा : भारतीय ज्ञान एवं संस्कृति को विश्वव्यापी पहचान दिलाने वाले भारत के महान युग प्रवर्तक स्वामी विवेकानंद जी की जयंती आज मीर टोला स्थित वैश्य समाज के कार्यालय मे युवा दिवस के रूप मे मनाई गई ।

जंयती समारोह की अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष मोहन प्रसाद साह ने कहा कि स्वामी विवेकानंद आधुनिक भारत के एक महान चिंतक, महान देशभक्त, दार्शनिक, युवा संन्यासी, युवाओं के प्रेरणास्रोत और एक आदर्श व्यक्तित्व के धनी थे। भारतीय नवजागरण का अग्रदूत यदि स्वामी विवेकानंद को कहा जाए तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगी। ‘विवेकानंद’ दो शब्दों द्वारा बना है – ‘विवेक’ और ‘आनंद’। ‘विवेक’ संस्कृत मूल का शब्द है। ‘विवेक’ का अर्थ होता है बुद्धि और ‘आनंद’ का मतलब है- खुशियां। और यही दो चीज़े वो पूरी दुनियां में बांटकर गए है।

वैश्य समाज के कार्यकारी अध्यक्ष देवेंद्र कुमार देव एवं उपाध्यक्ष बंजरग गुप्ता ने कहा कि स्वामी विवेकानंद कहते हैं कि जिस पल मुझे यह ज्ञात हो गया कि हर मानव के हृदय में भगवान हैं तभी से मैं अपने सामने आने वाले हर व्यक्ति में ईश्वर की छवि देखने लगा हूं और उसी पल मैं हर बंधन से छूट गया। हर उस चीज से जो बंद रखती है, धूमिल हो जाती है और मैं तो आजाद हूं। अपने ज्ञानमय विचारो से सभी को प्रभावित किया।

वैश्य समाज के नेता श्यामल पोद्दार एवं उपाध्यक्ष विजय गुप्ता ने कहा कि पूरे विश्व में अपनी तेजस्वी वाणी के जरिए भारतीय संस्कृति और अध्यात्म का डंका बजाने वाले स्वामी विवेकानंद ने केवल वैज्ञानिक सोच तथा तर्क पर बल ही नहीं दिया, बल्कि धर्म को लोगों की सेवा और सामाजिक परिवर्तन से जोड़ दिया।

संचालन कर रहे वैश्य समाज के प्रवक्ता राजीव रंजन साह ,महासचिव शशिभूषण गांधी ने कहा कि स्वामी जी अपने विचारों और स्वभाव से स्वामी विवेकानंद देश ही नहीं बल्कि विश्व भर के युवाओ को प्रेरित करते रहे। ये उनके विचारों की गरिमा और तीव्रता ही थी कि उस ज़माने में जब न इन्टरनेट था न सोशल मिडिया, तब भी उनके विचार युवाओ में चर्चा का विषय बने रहे।

इस जंयती समारोह मे वैश्य समाज के उपाध्यक्ष श्यामंनंदन पोद्दार, शशि सोनी, वार्ड पार्षद संतोष मुगेंरी, कुश मोदी, रंजीत चौधरी, उदाहरण भगत, अजय पोद्दार, मनोज मिलन, रामनेरश साह, मीडिया प्रभारी नीरज राम उर्फ सोनू गुप्ता, रामनाथ साह, पड़ड़ी मुखिया प्रतिनिधि राजकिशोर साह, हरिलाल साह, रामचंद्र रमण, सुरेश गुप्ता, युवा अध्यक्ष अजीत कुमार अजय, रूपेश साह, राजबल्लभ साह, विशाल कुमार आदि ने स्वामी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया।

भारतीय जनता युवा मोर्चा सहरसा : स्वामी विवेकानंद के जयंती के अवसर पर भारतीय जनता युवा मोर्चा सहरसा जिला अध्यक्ष मनीष कुमार के नेतृत्व में सैंकड़ो मोटरसाइकिल के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा सहरसा सर्किट हाउस से निकल कर शंकर चौक होते हुए वीर कुंवर सिंह चौक मैं संपन्न हुआ।

इस मौके पर भाजपा विधायक आलोक रंजन, जिला अध्यक्ष दिवाकर सिंह और पूर्व विधायक सुरेंद्र यादव ने हरी झंडी दिखा कर शोभा यात्रा को रवाना किया। अलोक रंजन ने कहा कि बिहार में आज स्वामी विवेकानंद के आदर्शो पर चलने का समय आ गया है। विवेकानंद ने कहा था हर कार्य को हमेशा तीन अवस्थाओं से गुजरना होता है। उपहास, विरोध और स्वीकृति।

भाजयुमो जिला अध्यक्ष मनीष कुमार ने कहा स्वामी विवेकानंद की कही बातें सभी सत्य प्रमाण होती हैं। 12 जनवरी यानि मंगलवार को हम स्वामी विवेकानंद जी के जन्म दिवस पर उनको याद तो करते हैं परन्तु मुझे लगता है सारा साल ही उनका जन्म दिवस मनाते हैं। उनकी कही बातों को अनुभव करते है। क्योंकि जीवन की कई बातें समय के अनुसार उनकी कहनी, कथनी करनी से जुड़ी है।

जैसे उनका यह भी कहना था कि विश्व एक विशाल व्यायामशाला है, जहां हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आते हैं। आज जो कोरोना के समय सबकी मनोस्थिति है अगर हम स्वामी विवेकानंद जी को पढ़ लें, उनकी बातों का अनुसरण कर लें या समझने की भी कोशिश करें तो हमारी सबकी मनोस्थिति काफी सम्भल सकती है। देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी स्वामी विवेकानंद के जन्मादिवस को युवा दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।

1863 में इसी दिन 12 जनवरी को कोलकाता के एक साधारण परिवार में स्वामी विवेकानंद का जन्म हुआ था। अध्यात्म के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए कार्यों को देख, देश-विदेश के युवाओं का ध्यान उनकी ओर आकर्षित हुआ। स्वामी विवेकानंद ने तेजस्वी वाणी और अपने प्रभाव से विदेशों में भी भारतीय संस्कृति और अध्यात्म का डंका बजाया है।

जिला अध्यक्ष दिवाकर सिंह ने कहा स्वामी विवेकानंद जब रामकृष्ण परमहंस से मिले तो उन्होंने सबसे अहम सवाल किया ‘क्या आपने ईश्वर को देखा है?’ इस पर परमहंस ने जवाब दिया- ‘हां मैंने देखा है, मैं भगवान को उतना ही साफ देख रहा हूं, जितना कि तुम्हें देख सकता हूं, फर्क सिर्फ इतना है कि मैं उन्हें तुमसे ज्यादा गहराई से महसूस कर सकता हूं’।

मीडिया प्रभारी अमित आनंद ने कहा , ‘उठो, जागो, तब तक मत रुको जब तक आप लक्ष्य तक नहीं पहुंच जाते। वीर भिक्षु स्वामी विवेकानंद के शब्दों को आज भी युवाओं को नई गति देनी चाहिए। इस महान दार्शनिक के जन्मदिन पर मैं अपनी ईमानदारी से सम्मान और राष्ट्रीय युवा दिवस के लिए शुभकामनाएं देना चाहता हूं।

इस मौके पर क्षेत्रीय प्रभारी अनुराग श्रीवास्तव जी, डॉ शशि शेखर सम्राट, क्षेत्रीय पदाधिकारी गिरीश चंद्र ठाकुर, अभिषेक वर्धन, नगर अध्यक्ष पंकज गुप्ता, कार्यक्रम प्रभारी सिंकू सिन्हा, महामंत्री प्रशांत सिंह राठौड़, उपाध्यक्ष ईश्वर ठाकुर, संतोष गुप्ता, मीडिया प्रभारी अमित आनंद,अतुल पराशर, गोविंद पटेल, रतन दुबे, राहुल सिंह, शक्ति गुप्ता, निरंजन कुमार मंडल अध्यक्ष बिपिन कुशवाहा, प्रिंस सिंह, रौशन पटेल, अभिमन्यु सिंह, संतोष सुमन, अंजनी चौधरी, समर सिंह, धनंजय झा, गोपाल शर्मा, जितेंद्र सिंह बघेल एवं सैकड़ो कार्यकर्ता मोजूद रहे।