• परिजनों का आरोप सर्पदंश का शिकार महिला का अस्पताल में समय पर इलाज शुरू नहीं करने की वजह से हुई हो मौत

सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) ब्रजेश भारती : सहरसा जिले के अनुमंडलीय अस्पताल सिमरी बख्तियारपुर में गुरुवार को एक सर्पदंश की शिकार महिला मरीज के इलाज में डॉक्टरों द्वारा लापरवाही बरतने का आरोप लगा मरीज के परिजनों अस्पताल में जमकर हंगामा कर तोड़फोड़ किया है। परिजनों का आरोप है कि अगर समय पर महिला का इलाज शुरू हो जाता तो उसकी जान बच सकती थी।

घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के मुताबिक सिमरी बख़्तियारपुर अंतर्गत सिमरी पँचायत के द्वारिका टोला वार्ड संख्या 14 निवासी स्व मो जलील की पुत्री जशिमा खातून (35) गुरुवार को सिमरी के बहियार में घास काटने गई थी घास लेकर घर पहुंचने के उपरांत अचानक तबियत खराब होने लगी जिसके बाद आनन – फानन में परिजनों द्वारा महिला को सिमरी बख़्तियारपुर अनुमंडलीय अस्पताल लाया।

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अस्पताल पहुंचने के उपरांत जब महिला के परिजनों ने चिकित्सकों की खोज शुरू की तो चिकित्सक नदारद दिखे काफी देर बाद बाद चिकित्सक पहुंचे तो मरीज को देखते ही उसे मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद परिजन आक्रोशित हो गए।इसके बाद परिजनों ने डॉक्टर की लेट लतीफी को महिला की मौत का जिम्मेवार बताया।

परिजनों ने बताया कि अस्पताल लाने पर महिला जीवित थी लेकिन डॉक्टरों के उपलब्ध ना रहने के कारण महिला की मौत हो गई। वही महिला की मौत के बाद ग्रामीणों ने शव को अस्पताल के बरामदे पर रख हो हंगामा करने लगे।

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घटना की सूचना पर राजद के प्रखण्ड अध्यक्ष हैलाल असरफ, जाप नेता पुनपुन यादव ने अस्पताल पहुंच परिजनों से बात की। जिसके बाद शव के पास बैठकर जाप नेता पुनपुन यादव ने प्रदर्शन किया और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी मौत के जिम्मेवार पर कार्यवाई और मुआवजा देने की मांग कर रहे थे।

इस दौरान अस्पताल उपाधीक्षक डॉ एनके सिंहा के पर कार्यवाई की मांग की गई। इस मौके पर जाप नेता पुनपुन यादव ने बताया कि अस्पताल की लापरवाही से महिला की मौत हो गई.अस्पताल के डॉक्टर यदि सजग रहकर इलाज करते तो आज महिला जिंदा रहती। वही घटना की सूचना पर बख़्तियारपुर पुलिस के एएसआई जितेंद्र पांडेय ने दल – बल के साथ पहुंच कर आक्रोशित लोगों को शांत कराया।

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