माता-पिता ने जताया पुलिस का अभार, आज आशीष के आत्मा को मिला सुकून
  • बीस माह बाद भी शहीद दरोगा का नही बन सका एक अदद स्मारक

@Brajesh_Bharti : खगड़िया जिले के तत्कालीन पसराहा थानाध्यक्ष सहरसा जिले के सिमरी बख़्तियारपुर अंतर्गत सरोजा पंचायत निवासी गोपाल सिंह के पुत्र शहीद आशीष कुमार सिंह के हत्यारे पचास हजार के इनामी कुख्यात बदमाश दिनेश मुनि को गुरुवार अहले सुबह एसटीएफ द्वारा मुठभेड़ में मार गिराए जाने के बाद उनके घर सरोजा में खुशी का माहौल है। आशीष के माता – पिता सहित एसटीएफ व बिहार पुलिस के इस साहसिक कदम पर धन्यवाद दिया है।

बेटे की तस्वीर के साथ शहीद आशीष के माता-पिता

मां का खुशी में छलका आंसू : गुरुवार सुबह एसटीएफ के संग मुठभेड़ में दिनेश मुनि की हत्या की खबर सरोजा पहुंचते ही शहीद आशीष की माँ रुक्मणि देवी और पिता गोपाल सिंह को मिलते ही आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़ा। कुख्यात के मौत पर पिता ने रुंधे गले से बताया कि 2018 के 13 अक्टूबर को मेरे पुत्र के शहीद होने के वक्त मेरे पूरा परिवार टूट गया था। स्वजनों में निराशा छा गई थी।

पटना स्थित आवास पर शहीद की पत्नी बच्चों संग

लेकिन आज हत्यारा दिनेश मुनि की मौत की खबर सुन कर हमसभी परिवार सहित पूरे जिलेवासियों में खुशी की लहर है। उस समय तात्कालीन डीजी गुप्तेश्वर पांडे ने मेरे घर पर हत्यारे को सजा देने का संकल्प लिए थे आज उन्होंने उसे पूरा किया इसके लिए तमाम पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त करता हूँ। वही माँ ने कहा कि शहीद बेटे को आज इंसाफ मिला है। जिसके लिए पुलिस प्रशासन को धन्यवाद देती हूं।

सरोजा गांव स्थित शहीद का पैतृक आवास

एसपी मीनू ने माता-पिता को किया फोन : गुरुवार अहले सुबह नौगछिया दियारा में एसटीएफ की कार्यवाई में दिनेश मुनि के ढेर होने की सूचना सुबह सवेरे सात बजे खगडिया एसपी मीनू कुमारी ने शहीद आशीष को पिता को फोन कर दी। आशीष के पिता को फोन कर एसपी ने परिवार को ढाढस बंधाते हुए मुनि के मौत के घाट उतरने की बात कही साथ ही कहा कि पुलिस प्रशासन को जांबाज आशीष पर हमेशा गर्व था और रहेगा। आशीष ने जिस बहादुरी से दुश्मनों का सामना किया वह हर किसी के लिए प्रेरणा स्रोत है। आशीष की बहादुरी बहादुरी पर बिहार पुलिस को फक्र है।

शहीद के स्मारक पर एसपी सहरसा सहित अन्य

सहरसा एसपी पहुंचे शहीद के घर : पुलिस मुठभेड़ में दिनेश मुनि की मौत होने के बाद शहीद दारोगा आशीष कुमार सिंह के गांव सरोजा पहुंचे पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार ने आशीष के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया। एसपी ने शहीद दारोगा आशीष के पिता से मोबाइल पर बिहार के डीजीपी की बात भी कराई आशीष के पिता ने आंखों से कहा कि मेरा बेटा आज भी हम सब के बीच है। हमें अपने बेटे पर फक्र है।

डीजीपी पहुंचे शहीद की पत्नी व बच्चों से मिलने : बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय पटना स्थित शहीद आशीष सिंह के आवास पर जा परिजनों से मुलाकात की। शहीद आशीष सिंह की पत्नी सरिता सिंह और बच्चो से मुलाकात की। इस दौरान डीजीपी ने शहीद आशीष के तैलिय चित्र पर माल्यार्पण कर शहीद को नमन किया।

पटना आवास पर डीजीपी शहीद के पत्नी व बच्चों संग

इस मौके पर डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने शहादत को याद करते हुए कहा कि समाज की सुरक्षा में जुटे हमारे अधिकारियों को भी कभी – कभी शहादत देनी पड़ती है। लेकिन मुझे इस बात का सुकून है कि हमारे बहादुर अधिकारी की मौत के जिम्मेवार अपराधियों को पुलिस मुठभेड़ में ढे़र कर दिया गया है। उन्होनें कहा कि ये इस ऑपरेशन में शामिल तमाम पुलिस बल के अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को सम्मानित करने की अनुशंसा करेंगे।

20 माह बाद भी नहीं बना शहीद का स्मारक : 12 अक्टूबर 2018 को कुख्यात दिनेश मुनि से लोहा लेते हुए शहीद हुए आशीष सिंह के पैतृक घर सिमरी बख़्तियारपुर अंतर्गत सरोजा में घटना के बाद जनप्रतिनिधियों का हुजूम उमड़ पड़ा था। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने परिजनों और ग्रामीणों के समक्ष खूब लंबे – चौड़े वादे किये। लेकिन घटना के लगभग बीस महीने बाद भी आजतक शहीद का स्मारक ना बन पाना जनप्रतिनिधियों के बातों पर सवाल खड़े करता है।

शहीद का स्मारक स्थल

आशीष के पिता बताते है कि स्मारक के लिए जमीन भी ले लिया गया है परंतु अब तक स्मारक नही हो पाया है वर्तमान में स्मारक जीर्ण – शीर्ण अवस्था में बांस की जाफरी से घिरा हुआ है‌। वही ग्रामीणों ने बताया कि जल्द – से – जल्द सभी के सहयोग से एक खूबसूरत स्मारक की आधारशिला रखी जाए ताकि आने वाली पीढियां आशीष के शौर्य पर गौरवान्वित हो।

बच्चों संग पटना में रहती है पत्नी : शहिद आशीष सिंह की पत्नी सरिता सिंह बच्चो को पढ़ाने और उनके बेहतर भविष्य की चाहत में पटना में रहती है बीच – बीच में वो घर भी आती है। लॉकडाउन से कुछ दिन पूर्व ही वह पटना गई थी। शहीद आशीष सिंह की हत्या पर पत्नी ने भी एसटीएफ और बिहार पुलिस को धन्यवाद कहा है‌ यहां यह बता दे कि शहीद आशीष कुमार सिंह की शादी 2010 के लगभग में मधेपुरा जिला अंतर्गत मुरली चंदवा गांव में हुई थी। शहीद आशीष कुमार को एक लड़का और एक लड़की है।बेटा शौर्यमान सिंह राठौर जिसकी उम्र नौ वर्ष है। वही बेटी आर्या सिंह राठौर जिसकी उम्र सात वर्ष है।

शहादत के समय आयोजित श्रद्धांजलि सभा की यादें

परिवार में सबसे छोटा था आशीष : रॉबिनहुड पांडेय के रूप में खगड़िया में अपनी पहचान बना चुके शहीद आशीष के पिता एक साधारण किसान है। वही आशीष भाइयो में सबसे छोटा था। सरौंजा निवासी गोपाल सिंह के तीन पुत्रो में सबसे बड़ा बेटा विपुल सिंह है जो देहरादून में इंजीनियर है। दूसरा बेटा राकेश कुमार सिंह है जो पटना में विजिलेंस विभाग में पदस्थापित है। तीसरा आशीष था जो कर्तव्यनिष्ठता के साथ पसराहा में थानाध्यक्ष के पद पर तैनात था।

श्रद्धांजलि सभा (फाइल फोटो)

जांबाज था शहीद आशीष, लग चुका था पहले भी गोली : अपनी जांबाजी के रूप में विख्यात शहीद आशीष कुमार सिंह को 2018 के पूर्व भी अपराधियो ने गोली मारी थी। हालांकि ईश्वर की कृपा से उस वक्त आशीष कुमार की जिंदगी बच गई थी। जानकारी मुताबिक भदास में शहीद आशीष को अपराधियो ने पैर में गोली मार दी थी। परंतु उस वक्त आशीष की जिंदगी बच गई थी। शहीद के पैतृक गांव के ग्रामीण बताते है कि गांव के बड़े – बुजुर्ग आशीष को अतिउत्साहित होने से बचने की सलाह देते थे लेकिन फौलादी जिगर के आशीष इसे अपने कर्तव्य के प्रति बेइमानी मानते है।

श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे थे ये सब लोग (फाइल फोटो)

शहादत के वक्त आम से लेकर खास तक का लगा था जमावड़ा : दुश्मनों के संग लोहा लेते हुए शहीद हुए आशीष सिंह के श्रद्धाजंलि सभा मे राज्य के बड़े पुलिस पदाधिकारियों से लेकर ढेर सारे जनप्रतिनिधियों का शहीद आशीष के पैतृक आवास सरोजा में जुटान हुआ था। तत्कालीन डीजीपी के एस द्विवेदी, श्रद्धाजंलि सभा में तात्कालीन बिहार के डीजी वर्तमान डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय, खगड़िया सांसद चौधरी महबूब अली कैसर, तत्कालीन सिमरी बख्तियारपुर के विधायक वर्तमान मधेपुरा सांसद दिनेश चन्द्र यादव खगड़िया के तात्कालीन डीएम अनिरूद्ध प्रसाद, सहरसा उप विकास आयुक्त राजेश कुमार, एसपी सहरसा राकेश कुमार, भाजपा नेता सम्राट चौधरी, पूर्व मंत्री रेणू कुशवाहा, विजय कुशवाहा, चेतन आनंद, पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना आदि ने जुट शहीद आशीष को श्रद्धांजलि दी थी।