बलवाहाट के बाद दुसरे दिन तरियामा में ग्रामीणों ने पकड़ा दो ओटो पर लदा सरकारी खाद्यान्न

सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) ब्रजेश भारती : सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल क्षेत्र में कोरोना काल में भी सरकार द्वारा गरीबों को सस्ते दर पर उपलब्ध कराने वाले खाद्यान्न का कालाबाजारी करने का सिलसिला अनवरत जारी है। इसे प्रशासनिक तंत्र की नकामी कहें या फिर कमजोरी जो काम उन्हें करना चाहिए वह काम ग्रामीण कर पुलिस के हवाले किया जाता है।

बख्तियारपुर थाना में जब्त कर लाया गया ओटो

लेकिन कानूनी पेंच या फिर विभागीय मिलीभगत से कालाबाजारी मामले के इस खेल में एक मोहरा डीलर बच निकलता है। लिहाजा कालाबाजारी तंत्र का हौसला बुलंद रहता है वह निरंतर कालाबाजारी करने से बाज नहीं आते हैं और गरीबों का निवाला उंचें दामों पर बेच मालदार बनते जा रहे हैं।

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रविवार को बलवाहाट ओपी क्षेत्र के बघवा में पीकअप पर लदा कालाबाजारी के लिए ले जा रहे 56 बोरा चावल ग्रामीणों द्वारा पकड़ पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। इस घटना के दुसरे दिन सोमवार की अहले सुबह बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के तरियामा पंचायत के तुर्की स्कूल के समीप ग्रामीणों ने दो ओटो पर लदा 35 बोरा खाद्यान्न ड्राइवर सहित पकड़ पुलिस के हवाले कर दिया।

रविवार को बलवाहाट में धराया पीकअप गाड़ी

इस मामले में भी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी मनोज कुमार के लिखित आवेदन पर ओटो सहित ड्राइवर पर मामला दर्ज कर डीलर का नाम प्राथमिकी में नहीं लाया गया। जबकि ओटो को पड़ने वाले दर्जनों ग्रामीण चिल्ला कर वरीय अधिकारियों से लेकर पुलिस वाले को किस डीलर का खाद्यान्न है कि जानकारी दिया गया। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने इस संबंध में कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरस कर मामले को सार्वजनिक कर दिया। लेकिन प्राथमिकी से डीलर गायब ?

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इस दोनों मामले से पूर्व 27 मई को बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के पुरानी बाजार के आगे भी टेम्पू पर लदे सरकारी चावल पकड़ाया था, उसमें भी डीलर का नाम प्राथमिकी में नहीं लाया गया। रविवार को पकड़ाए ओटो के संबंध में बीडीओ सह प्रभारी बीएसओ मनोज कुमार ने बताया कि गिरफ्तार ड्राइवर के द्वारा डीलर का नाम नही बताया गया, बल्कि कहा गया कि हम खुदरा घर घर से खरीदकर बेचते है।

अब यहां बड़ा सवाल उठता है कि ग्रामीणों द्वारा पकड़ पुलिस के हवाले कर दिए गए आरोपी व्यक्ति का बात मान बीएसओ प्राथमिकी दर्ज करवा देते हैं लेकिन जो ग्रामीण पकड़ चिल्ला चिल्ला कर डीलर का नाम बोलता है उसका नाम प्राथमिकी में अंकित नहीं करते हैं। इस मामले में बहुत बड़े सेटिंग गेटिंग की संभावना से इंकार नहीं करता।

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