हावर्ड मेडिकल कॉलेज बोस्टन में प्राध्यापक के पद स्थापित है डॉ अमरेन्द्र कुमार अजय
  • पटना के एएन कॉलेज में कोविड19 विषय पर आयोजित किया गया था पांचवा व्याख्यानमाला

स्पेशल रिपोर्ट ब्रजेश की बात : बिहार के सुपौल जिला अंतर्गत चौघारा निवासी सेवानिवृत्त हेडमास्टर सरयुग मेहता के पुत्र अमरेन्द्र कुमार अजय ने गुरुवार को पटना के एएन कॉलेज आइक्यूएसी के तत्वावधान में कोविड 19 चिकित्सा शास्त्र, टीका और नए सामान्य विषय पर आयोजित पांचवा व्याख्यानमाला में बतौर मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हो कर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया।

अमेरिका स्थित हावर्ड मेडिकल कॉलेज बोस्टन में प्राध्यापक पद पर कार्यरत डॉ अजय ने बताया कि कोविड-19 विश्व के 213 देशों में लगभग छप्पन लाख से ज्यादा लोगों को प्रभावित कर चुका है । कोविड-19 वायरस का मृत्यु दर 5 प्रतिशत है जबकि 2012 में आए मर्स वायरस का मृत्यु दर 37 प्रतिशत और 2008 में आए सार्स वायरस का मृत्यु दर 10 प्रतिशत के आसपास था। 2009 में फैले एच वन एन वन वायरस से हालांकि लगभग अस्सी लाख प्रभावित हुए थे परंतु उसकी मृत्यु दर 0.02 प्रतिशत के आस-पास ही थी।

ये भी पढ़ें : सहरसा : रेल सुरक्षा आयुक्त ने किया सुपौल-सरायगढ़ रेल रूट का निरीक्षण

कोरोना वायरस का ऊपरी सतह स्पाइक ग्लाइकोप्रोटीन से बना होता है जो अत्यंत चिपचिपा होता है। इस कारण यह वायरस विभिन्न वस्तुओं के सतहों पर कुछ दिनों तक सक्रिय रहता है। कोविड-19 का संक्रमण एंजियोटेनसिन कॉन्वेर्टिंग इनजायम रिसेप्टर द्वारा स्थापित होता है। वर्तमान में इस वायरस से निपटने हेतु लगभग 296 ट्राइल्स किये जा रहे है। इनमें से कुछ ट्रायल मानव प्रोटीन तथा कुछ वायरस प्रोटीन को केंद्रित कर किये जा रहे हैं।

डॉ अमरेन्द्र कुमार अजय

वर्तमान समय में विभिन्न दवाइयों के प्रयोगो के अनुसार यह प्रतीत होता है कि रेमेडेसीवीर दवा के प्रयोग से स्वास्थ्य लाभ जल्दी हो रहे हैं जबकि अमेरिकी लोगों में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का प्रयोग बहुत असरदायक नही रहा है। अज़ीथ्रोमैसिन के असर का क्लीनिकल ट्रायल अभी जारी है। आधुनिक थेराप्यूटिक्स ट्राइल्स चरण-1 के परिणाम वायरस के इलाज हेतु काफी उम्मीद जगाती है।

ये भी पढ़ें : सहरसा : ससुराल के लिए निकले शख्स की गला रेत हत्या, सुपौल का रहने वाला है मृतक

विभिन्न वायरस के टीका के विकास के बारे में बताते हुए डॉक्टर अजय ने कहा कि अभी भी सार्स, मर्स, एच 7 एन9, तथा ज़ीका वायरस के टीके विकसित नहीं हुए है जबकि बर्ड फ्लू, स्वाइन फ्लू तथा इबोला वायरस के टीके विकसित किए जा चुके हैं। वर्तमान में कोविड-19 के टीके का विकास प्रथम चरण में है। भारत तथा अमेरिका में कोविड-19 के प्रभावों का तुलनात्मक विवरण करते हुए मुख्य वक्ता ने कहा कि भारत में कोविड-19 के संक्रमण का दर तथा मृत्यु दर अमेरिका की अपेक्षा काफी कम है।

Logo.

इसका प्रमुख कारण भारतीय लोगो की बेहतर रोग प्रतिरोधक तथा लॉकडाउन का बेहतर अनुपालन भी हो सकता है। हालांकि वर्तमान समय में भारत में संक्रमण का दर काफी तेजी से बढ़ रहा है जो चिंता का विषय है। नए सामान्य के बारे में बताते हुए। डॉ अजय ने कहा की संक्रमण के प्रसार के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों को तीन भागों में बांट कर संक्रमण की तीव्रता के आधार पर कार्य प्रारंभ किया जा सकता है। डॉक्टरों के अनुसार विटामिन सी तथा डी का सेवन रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है इसके साथ ही पोषक तत्वों वाले आहार से भी लाभान्वित हुआ जा सकता है।

ये भी पढ़ें : कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद प्रशासन सजग, कंटेन्मेंट जोन को किया जा रहा सेनेटाइज

इसके पहले अपने स्वागत भाषण में महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रोफेसर एसपी शाही ने कहा कि एएन कॉलेज के द्वारा लॉकडॉन के समय में विभिन्न अकादमिक गतिविधियां ऑनलाइन संचालित कर अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। प्रधानाचार्य ने मुख्य वक्ता को धन्यवाद देते हुए कहा कि बिहार के एक छोटे से गांव सुपौल के चौघारा से निकल कर आज हावर्ड मेडिकल स्कूल जैसे संस्थान में पढ़ा कर डॉ अजय अपने गांव तथा राज्य को गौरवान्वित कर रहे हैं।

डॉ अमरेन्द्र कुमार अजय (फाइल फोटो)

कार्यक्रम का संचालन आइक्यूएसी की ज्वाइंट कोऑर्डिनेटर डॉ रत्ना अमृत ने किया धन्यवाद ज्ञापन आइक्यूएसी के समन्वयक डॉ अरुण कुमार ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के बरसर प्रोफेसर अजय कुमार वरिष्ठ, प्राध्यापक प्रोफेसर शैलेश सिंह, प्रो. तृप्ति गंगवार, प्रो. प्रीति सिन्हा, डॉ नूपुर बोस समेत महाविद्यालय के कई शिक्षक तथा देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के शिक्षक तथा छात्र उपस्थित रहे।

ये भी पढ़ें : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का निधन, लंबे समय से थे बीमार, कल होगा अंतिम संस्कार – https://m.livehindustan.com/national/story-former-chhattisgarh-chief-minister-ajit-jogi-is-no-more-3245774.amp.html#referrer=https%3A%2F%2Fwww.goog

यहां बतातें चले कि डॉ अजय प्रारंभिक पढ़ाई सुपौल से करने के बाद आगे की पढ़ाई बीएन कॉलेज पटना से बैचलर ऑफ साइंस इन बायोटेक्नोलॉजी से किया उसके बाद मास्टर इन बायोटेक्नोलॉजी आईआईटी मुबई से करते हुए पीएचडी इन कैंसर बायोलॉजी पुने से किया। तदउपरांत आगे पोस्टडॉक्ट्राल रिसर्च की पढ़ाई के लिए अमेरिका स्थित हावर्ड मेडिकल स्कूल बोस्टन गया। जहां पढ़ाई पुरी कर उसी में विभागीय प्राध्यापक पद पर पदस्थापित हो गए जो बिहार सहित देश के लिए गौरव की बात है।

YOU MAY ALSO LIKE : Coronavirus: UAE reports 638 new Covid-19 cases, 412 recoveries https://www.khaleejtimes.com/coronavirus-pandemic/coronavirus-uae-reports—new-covid-19-cases—recoveries