गुरूवार को दो अलग-अलग समय में दो-दो इंजन को एक साथ जोड़ कर भेजा गया यूपी के सहारनपुर

सहरसा : मधेपुरा रेल इंजन फैक्ट्री में अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप इंजन बनाने का काम चल रहा है। अब यहां से तैयार 12 हजार हार्स पावर का इंजन रेलवे में इस्तेमाल होने लगा है जो एक गर्व की बात है। इसी कड़ी में गुरुवार को दो अलग अलग समय में दो-दो इंजन को जोड़ कर यूपी के सहारनपुर भेजा गया।

गुरूवार को सहरसा-मानसी रेलखंड के सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन से पहला दो एक साथ जुड़े इंजन संख्या 60029 व 60030 साढ़े चार बजे शाम में एवं इंजन संख्या 60028 व 60031 एक साथ पांच बजकर बीस मिनट में दुर्त गति से निकल चंद सैकेंड में आंखों से ओझल हो गया। ये चारों इंजन यूपी के सहारनपुर पहुंचेगी जहां से आगे की प्रक्रिया पूरी कर रेलवे में सेवा शुरू कर देगी।

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इससे पहले 13 मई को मधेपुरा फैक्ट्री से छह इंजन जिसकी संख्या क्रमश 60024, 60027, 60022, 60023, 60025, 60026 मालगाड़ी में लगा चलाने के लिए भेजा जा चुका है। जैसे-जैसे मधेपुरा रेल कारखाना में इंजन निर्माण होता जाएगा उसे परिचालन के लिए रेलवे को सौंपा जाता रहेगा। आज गए चारों इंजन को एक दिन पहले 27 मई को रेलवे के ट्रैफिक विभाग को सौंपा गया था।

यहां बताते चलें कि इसी माह के 18 मई को पहली बार मधेपुरा फैक्ट्री में तैयार 12 हजार हार्स पावर के रेल इंजन को 12 मालगाड़ी के डिब्बे में जोड़ एक सौ किलोमीटर की रफ्तार से दीनदयाल उपाध्याय रेलवे जंक्शन से झारखंड के बरवाडीह चलाया गया था। इस बात की जानकारी केन्द्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने अपने ट्विटर हैंडल से दिया था।

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यहां बताते चलें कि 12 हजार हार्स पावर वाले इंजन बनाने में भारत अभी छठा स्थान प्राप्त कर लिया है इससे पहले 6 हजार हार्स पावर इंजन का निर्माण भारत में होता रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अब तक मधेपुरा फैक्ट्री से 11 इंजन मेड इन इंडिया के तर्ज पर बनकर निकल चुका है। साढ़े बाइस टन वजन भार वाले एसी इंजन ड्राइवर कैबिन युक्त यह इंजन 6 हजार टन वजन क्षमता के मालगाड़ी को खींचने में सक्षम है।