नोंक-झोंक की एक झलक
मिट्टी भराई कर रहे पक्ष का था कहना उसकी है खरीदगी जमीन, कोर्ट के आदेश भरा रहे मिट्टी

सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) ब्रजेश भारती : सहरसा जिले के दुसरे अनुमंडल सिमरी बख्तियारपुर में विगत कुछ वर्षों में सरकारी जमीन हड़पने की होड़ मची है। खास करने नगर पंचायत सिमरी बख्तियारपुर में दिनों दिन आसमान छूती कीमतों की वजह से हर कोई जमीन लेना चाहता है।

विवादित स्थल जहां हो रहा था मिट्टी भराई कार्य

विगत दिनों बहुचर्चित खाता 391 जमीन मामले को लेकर हाई बोल्टेज ड्रामा चला जो मीडिया सहित आमजनों की सुर्खियां बनी फिलहाल मामला न्यायालय की शरण में चलने की बात कही जा रही है।

सिमरी बख्तियारपुर में सरकारी जमीन हड़पने की मची हैं होड़, कागजी उलझन में फंसते हैं मामले

अब बात करें वर्तमान में रविवार को बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के नगर पंचायत अन्तर्गत हाई स्कूल मैदान से उत्तर नवनिर्मित कला भवन के बगल में खाली पड़े जमीन पर मिट्टी भराई का काम मुख्य बाजार निवासी पवन जायसवाल के द्वारा करवाया जा रहा था। ट्रेकर से उस जमीन पर मिट्टी भराई का कार्य चल रहा था।

मिट्टी भराई करवा रहे लोगों को समझाते नप कार्यपालक पदाधिकारी

इसी बीच सिमरी बख्तियारपुर अंचलाधिकारी धर्म देव चौधरी, नगर पंचायत कार्यपालक पदाधिकारी एवं बख्तियारपुर पुलिस के दरोगा व पुलिस बलों सहित मिट्टी भराई कार्य स्थल पर पहुंच ट्रेक्टर द्वारा मिट्टी भराई कार्य रूकवा पवन जायसवाल को सूचित किया गया।

ये भी पढ़ें : डीएम साहिबा सिमरी बख्तियारपुर में सरकारी जमीन पर कब्जा जमाने की मची है होड़

सूचना बाद पहुंचे पवन जायसवाल व सीओ में मामले को लेकर बातचीत होने लगी जो धीरे-धीरे नोंक-झोंक में तब्दील हो गई। दोनों अपने अपने दलील देते हुए जमीन को अपना बता रहे थे। इस बीच स्थानीय लोगों ने बीच बचाव कर मामले को शांत कराया गया। वहीं तत्काल मामले पर कोई ठोस निर्णय नहीं निकलने तक किसी भी प्रकार के मिट्टी या निर्माण पर रोक की बात कही गई।

भराई गई मिट्टी

क्या कहना है सीओ का : इस संबंध में अंचलाधिकारी ने बताया कि यह जमीन जिस पर मिट्टी भराई का कार्य किया जा रहा है वह सरकारी जमीन है। वर्ष 92-93 में तत्कालीन अनुमंडलाधिकारी ने उक्त जमीन सहित अन्य जमीन पर अतिक्रमण वाद चलाते हुए जमीन को सरकारी जमीन होने का आदेश पारित किया गया था।

ये भी पढ़ें : ढ़ाई वर्षो बाद भी उच्च विद्यालय जमीन विवाद का नही हुआ निपटारा

तब से लेकर अब तक वह जमीन सरकारी है तो किस प्रकार कोई उस जमीन पर मिट्टी भराई का काम कर सकता है। वहीं उन्होंने बताया कि उस जमीन से संबंधित एक वाद अनुमंडल लोक शिकायत में वर्तमान में चल रहा है। ऐसे में किसी के द्वारा मिट्टी भराई का काम न्यायोचित नहीं है।

नोंक-झोंक की एक झलक

क्या कहना है मिट्टी भराई कर रहे पक्ष का : उक्त जमीन पर मिट्टी भराई कर रहे पवन जायसवाल का कहना है कि वह जमीन जिस पर मिट्टी भराई की जा रही है वह उसकी खरीदगी जमींन है उन्होंने स्वीकार किया है कि 92-93 में अतिक्रमण वाद चला था लेकिन उस वाद के विरूद्ध वरीय न्यायालय में अपील के बाद उसे डिग्री उसके पक्ष में मिला जिसके आलोक में मिट्टी भराई का काम कर रहा था।

ये भी पढ़ें : भिखारिन के अकाउंट से निकला इतना पैसा कि खाली हो गया बैंक https://m.aajtak.in/trending-clicks/gallery/women-beggar-has-more-than-six-crore-rupees-in-bank-account-in-lebanon-tstg-40125-2019-10-06-1