आज ही के दिन खगड़िया जिले के दुधैला बहियार में मुठभेड़ में शहीद हो गया था सरोजा का लाल

सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) ब्रजेश भारती : 12 अक्टूबर 18 की वो मनहूस रात बिहार पुलिस के लिए भूलने की रात नहीं मानी जाएगी क्योंकि इसी रात खगड़िया जिले के दुधैला बहियार में एक जांबाज दरोगा अपराधियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गया था।

जी हां हम बात कर रहे हैं सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के सरोंजा गांव निवासी खगड़िया के पसराहा थाना में पदस्थापित दरोगा शहीद आशिष कुमार सिंह की। आज उनकी प्रथम पुण्यतिथि है। आज घटना को एक वर्ष बीतने को है लेकिन पुलिस विभाग के लिए एक धब्बा है कि एक शहीद दरोगा के कातिल को एक वर्ष बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

प्रथम पुण्यतिथि पर हर कोई उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं आज उनके पैतृक आवास पर कई कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।

यादों के झरोखों से घटना व थानेदार आशीष कुमार सिंह : तत्कालीन पसराहा थानाध्यक्ष आशीष कुमार सिंह को उस रात जैसे ही गुप्त सूचना मिली कि नवगछिया और खगड़िया के सीमावर्ती इलाका दुधैला दियारा में दिनेश मुनि गिरोह के अपराधियों का जमाबड़ा लगा है कि वो दलबल के साथ देर रात ही वहां के लोग कूच कर गए। दुर्गम भौगोलिक क्षेत्र में पुलिस के पहुंचने की भनक मिलते ही अपराधी भागने लगे।

लेकिन पुलिस टीम भी उसका पीछा करती रही आखिरकार पुलिस से घिरते देख अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस के द्वारा भी जवाबी फायरिंग किया जाने लगा इस दौरान दोनों तरफ से जमकर गोलीबारी होने लगी इसी क्रम में अपराधियों की एक गोली पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे तत्कालीन थानाध्यक्ष आशीष कुमार सिंह के सीने में जा लगी और वे शहीद हो गए। साथ ही पुलिस ने मुठभेड़ में एक अपराधी को भी मार गिराया था।

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नेक दिल इंसान भी थे आशीष कुमार सिंह : 35 वर्षीय वर्ष 09 बैच के शहीद थानेदार आशीष कुमार सिंह बहुत ही नेक, विनम्र और अपने कर्तव्य के प्रति बेहद ही ईमानदार व अनुशासित इंसान थे। कर्तव्य पथ पर खतरों से खेलना उनकी आदतों में शुमार था। शहादत के पूर्व भी एक अन्य ऑपरेशन के दौरान वे अपराधियों की गोली से घायल हो चके थे।

एक वर्ष बाद भी मुख्य आरोपी गिरफ्त से बाहर : दारोगा आशीष कुमार सिंह की शहादत के एक वर्ष पूरे हो चुके हैं। लेकिन घटना के मुख्य आरोपी कुख्यात दिनेश मुनी आज भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। हलांकि घटना के बाद विभिन्न जिलों में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ के द्वारा विशेष मुहिम भी चलाया गया लेकिन गिरफ्तार नहीं हो पाया है।

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इस बीच जून में एसटीएफ ने कुख्यात दिनेश मुनि के सहयोगी अशोक मंडल को गिरफ्तार करने में सफल रही है। उल्लेखनीय है कि दारोगा हत्याकांड मामले में भागलपुर जिले के नवगछिया पुलिस जिले के बिहपुर थाने में कांड संख्या 402/18 दर्ज किया गया था। जिसमें दिनेश मुनि और अशोक मंडल को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। बहरहाल दिनेश मुनि 50 हजार इनामी भी है।

पुलिसकर्मियों को सदा प्रेरणाश्रोत है शहादत : कर्तव्य पथ पर थानेदार आशीष कुमार सिंह की शहादत पुलिसकर्मियों को सदा प्रेरणा देती रहेगी और एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिस पदाधिकारी की याद आमजनों को सदा आती व सताती रहेगी। ब्रजेश की बात शहीद दरोगा आशिष कुमार सिंह की प्रथम पुण्यतिथि पर शत् शत् नमन करते हुए श्रद्घासुमन अर्पित करती है।

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