स्मृति शेष पर विशेष : देश की जानी मानी कांग्रेसी नेता दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का निधन हो गया। इस निधन से पुरा देश शोक में डुबा है। दिल्ली में दो दिनों की राजकीय शोक की घोषणा की गई है।

” 2010 में सहरसा जिले के सात व्यक्तियों की मौत लक्ष्मी नगर के ललिता पार्क में बिल्डिंग गिरने से हो गई थी “

पीएम से लेकर सीएम तक सभी ने निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें याद किया। इस बीच उनके शासनकाल वर्ष 2010 में दिल्ली के लक्ष्मीनगर के ललिता पार्क में रह रहे सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर के पांच एवं दिवारी व मोरा के एक एक व्यक्ति की मौत बिल्डिंग हादसे में हो गई थी।

उस वक्त दिल्ली में समाजसेवा के क्षेत्र में काम कर रहे लोजद नेता सह पूर्व जिप उपाध्यक्ष सहरसा रितेश रंजन एकाएक सहरसा की राजनीति में पदार्पण करते हुए मृतक व्यक्तियों की मदद दिल्ली सरकार से मिलने वाली सहायता राशि का चेक सीधे दिल्ली से लाकर डीएम सहरसा को दिया था।

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आज उन्हीं की जुबानी उस हादसे की कहानी…..मुझे याद आ रहा है वर्ष 2010 माह दिसंबर जब लक्ष्मी नगर ललिता पार्क हादसा हुआ था एक बिल्डिंग, ताश के पत्तो की तरह ढेर हो गया था इस बिल्डिंग में मुख्य रूप से बिहार और बंगाल के मजदुर रहा करते थे।

यह हादसा दिल दहलाने वाला था हम लोगों की पूरी टीम इस हादसे में काम कर रही थी उसी समय जानकारी हुई सिमरी बख्तियारपुर के भटपुरा गांव के 5 व्यक्ति एवं मोरा गांव के एक व्यक्ति दिवारी गांव का एक व्यक्ति इस हादसे का शिकार हो गया।

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उस समय कि तत्कालीन मुख्यमंत्री आदरणीय शीला दीक्षित ने जिस भावना से हम लोगों को सहयोग कि जो मातृत्व भाव इनके दिल में था वह देखते ही बनती थी। इतने कम समय में मुआवजा की राशि इन्होंने दिया और वह चेक जो सरकारी था एक सामान कार्यकर्ता के रूप में मेरे ऊपर विश्वास कर कर मुझे दिल्ली से सहरसा भेजा।

मुझे याद है मैंने वह चेक उस समय के जिला पदाधिकारी आर लक्ष्मणन को दिया था मुझे लगता है अभी तक देश के अंदर किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री इतने सहज नहीं होंगे जो हम लोग जैसे एक समान समाजसेवी के ब्लड बैंक से लेकर हर छोटे-मोटे कार्यक्रम में उपस्थित होकर हम लोगों को प्रोत्साहित करती थी।

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आज शीला दीक्षित जी का गुजर जाना निश्चित रूप से इस देश की एक अपूरणीय क्षति मैं ऐसे मुख्यमंत्री को बार-बार नमन करता हूं जिन्होंने सभी लोगों का इतना ख्याल रखा शायद ही कोई मुख्यमंत्री रख सके।