पंचायत उपचुनाव पर है उत्पाद विभाग की पैनी नजर कोई बक्शा नहीं जाएगा एक भी

दो लोगों का नाम इस शराब बरामद मामले में आया है सामने, की जा रही है अग्रतर कार्रवाई

सहरसा से V & N की रिपोर्ट :- बिहार में शराब बंदी पर कानून बना प्रतिबंध तो लगा दिया गया है लेकिन सालों बाद भी प्रतिबंध का असर शराब बंदी पर दिखता नजर नहीं आ रहा है।
पुलिस व उत्पाद विभाग इस कानून को कड़ाई से पालन व लागू कराने के लिए प्रतिदिन मेहनत कर रही है लेकिन शराब कारोबार से जुड़े लोग इस शराब बंदी कानून को मजाक बना इसकी धज्जियां उड़ा रहे हैं।

जिसका नतीजा है कि कोई ऐसा दिन नहीं होता है जब पुलिस व उत्पाद विभाग कहीं ना कहीं से शराब बरामद ना करता हो। हालांकि कुछ एक मामले में शराब से जुड़े लोग फरार हो रहें हैं लेकिन नाम सामने आ रहा है।

ताज़ा शराब बरामद सहरसा के बिहरा थाना क्षेत्र के मोकना गांव से हुआ है। सहरसा उत्पाद विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हु मोकना गांव से भूसे की ढेर में छुपाकर रखे गए अठारह कार्टन में बंद 702 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद किया है।

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जब्त शराब की मात्रा 143 लीटर बताई जाती है, जिसकी कीमत तकरीबन दो लाख रुपये आंकी गई है। उत्पाद अधीक्षक अशरफ जमाल ने बताया कि गुप्ता सूचना के आधार पर यह छापेमारी की गई जिसमें मोकना गांव निवासी रमी यादव के भूसे के ढेर से भारी मात्रा में शराब की बरामदगी हुई है।

कारोबारी रमी यादव और ननकू यादव फरार हैं जिस पर शराब अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। उत्पाद अधीक्षक ने यह भी बताया कि सम्भवतः पंचायत उप चुनाव को लेकर दो मुखिया प्रत्याशियों द्वारा शराब मंगाने की सूचना मिल रही है, जिसकी जांच की जा रही है जिसमे सुभाष यादव और बीरेंद्र यादव का नाम प्रकाश में आ रहा है जिसकी जांच की जा रही है।