अभी हाथो की मेंहदी का रंग भी सुर्ख नहीं हुई कि दहेज की बलि वेदी पर चढ़ा दी गई विवाहिता 


पांच माह पहले हुई थी शादी, हत्यारोपी पति को पुलिस ने किया गिरफ्तार


सिमरी बख्तियारपुर/सहरसा से ब्रजेश/भार्गव की संयुक्त रिपोर्ट :-


अभी उस मासूम युवती के हाथों में लगी शादी की मेंहदी का रंग सुर्ख भी नहीं हुआ था कि दहेज लोभी दानवों ने एक मोटरसाइकिल के लिए फांसी का फंदा लगा सदा के लिए मौत की आगोश में सुला दिया। 

मामला सहरसा जिले के बनमा-ईटहरी ओपी क्षेत्र के सरबेला पंचायत के कासिमपुर की है। शुक्रवार रात की इस घटना का खुलासा शनिवार सुबह को हुआ हलांकि हत्या उपरांत सभी परिजन घर छोड़ फरार हो गया।

शनिवार सुबह कासिमपुर में 20 वर्षीय विवाहिता को दहेज में मोटरसाइकिल नहीं देने पर पति सहित ससुराल वालों के द्वारा फांसी लगाकर मार दिया गया। यह आरोप मृतिका के परिजनो ने लगाया है। वहीं घटना की सूचना मिलते ही ओपी के पुअनि अशोक कुमार ने पुलिस बलो के साथ घटना स्थल पर पहुंच मामले की छानबीन किया। पुलिस ने मृतिका की मां के बयान पर मामला दर्ज किया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मृतिका के पति को मौके पर से हिरासत में ले लिया। वहीं पुलिस ने शव को अपने कब्जा में लेकर उसे पोस्टमार्टम हेतु सदर अस्पताल सहरसा भेज दिया है।

चिड़ैया ओपी क्षेत्र के अलानी पंचायत के रैठी गांव निवासी भूमेश्वर शर्मा की पत्नी मृतिका की मां प्रेमलता देवी ने बताया कि करीब पांच-छह माह पहले मैं अपनी पुत्री सरस्वती देवी की शादी बनमा ईटहरी ओपी क्षेत्र के कासिमपुर वार्ड नं. 2 निवासी उमेश तांती के पुत्र रतन कुमार तांती के साथ शादी कर दिया। शादी समारोह में वे 51 हजार रुपए और 41 हजार के जैवरात वगैरह उपहार भी दिया। शादी के बाद से दमाद रतन तांती के द्वारा एक मोटरसाइकिल देने की दवाब दिया जाने लगा। जो कि बीते सप्ताह से लगातार मांग किया जा रहा था और शुक्रवार को भी फोन कर मोटरसाइकिल दीपावली में देने की बात कही गई थी। इसी बीच शनिवार की सुबह यहां से एक फोन आया कि आपके पुत्री की उल्टी और दस्त हो जाने के कारण उसकी मौत हो गई है। मौत की खबर सुन जब यहां हमलोग पहुंचे तो पता चला की उसे रस्सी या अन्य चीजो से फांसी लगाकर मार दिया गया है।

वहीं मृतिका के पति रतन तांती ने बताया कि मेरे द्वारा मोटरसाइकिल की मांग किया जा रहा था। यह बात सही है लेकिन फांसी लगाकर उसकी मौत नहीं हुई है। शुक्रवार की रात घर में कबूतर का मांस बना था। जो रोटी और कबूतर का मांस हमलोग खाये। खाना खाकर जब रात में सोने के लिए गये थे तो उसके बाद पत्नी सरस्वती देवी को उल्टी और दस्त खूब होने लगा। जब कई बार उल्टी और दस्त होता देखा तो देर रात करीब चार बजे सुबह में पड़ोस में यह बात कहने व दवाई लाने गया तो तुरंत लौटने के बाद देखा तो उसकी मौत हो गई थी।


इस संबंध में ओपीध्यक्ष प्रभाष कुमार ने बताया कि मृतिका की मां प्रेमलता देवी के बयान पर चार लोगो पति रतन तांती, पिता उमेश तांती, मां संजूला देवी एवं भाई हरिकिशोर तांती को नामजद अभियुक्त बनाते हुए सलखुआ थाना में प्राथमिकी दर्ज किया गया है। जिन नामजद आरोपी में से पति रतन तांती को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया गया है। वहीं मृतिका की शव को पोस्टमार्टम हेतु सदर अस्पताल सहरसा भेज दिया गया है।